हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,इमाम मेंहदी ट्रस्ट कोलकाता हिंदुस्तान और जनाब सैयद साजिद हुसैन आलाई के बाहमी तआवुन से, लिबेर्टल बडगाम कश्मीर में रमज़ानुल मुबारक की मुनासबत से औरतों के लिए “रमज़ानुल मुबारक तरबियती वर्कशॉप” का एहतिमाम किया गया है, जिसमें इलाके की नौजवान लड़कियां और ख़वातीन बढ़-चढ़ कर शिरकत कर रही हैं।
इन वर्कशॉप्स में पीएचडी स्कॉलर मोहतरमा शमाएला ज़ैनब रमज़ानुल मुबारक के अहकाम, ख़वातीन के मख़सूस मसाइल और दीगर फ़िक़्ही मौज़ूआत के साथ-साथ क़ुरआन-ए-करीम की तफ़्सीर बयान कर रही हैं।
वर्कशॉप्स का आग़ाज़ हर रोज़ नमाज़-ए-ज़ोहर व अस्र की जमाअत से होता है, जिसके बाद दरसी नशिस्तों का सिलसिला शुरू होता है।हर नशिस्त के इख़्तिताम पर सवाल-जवाब का ख़ुसूसी सेशन रखा जाता है, ताकि शिरक़ा अपने मसाइल और शुब्हात पेश कर सकें।
माहे मुबारक रमज़ान क़ुरआन का मौसम-ए-बहार है, और यह निहायत ख़ुशआइंद अम्र है कि इन बाबरकत अय्याम में क़ुरआन की तफ़्सीर पर मुश्तमिल यह वर्कशॉप्स मुनअक़िद हो रही हैं, जहां शिरक़ा माह-ए-मुबारक रमज़ान की मआनवी फ़ज़ा में अहल-ए-बैत अलैहिमुस्सलाम की पाकीज़ा तालीमात से मुस्तफ़ीद हो रही हैं।
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